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Tuesday, October 19, 2021

विजयश्री

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About Author

Satyendra Tiwari
Satyendra Tiwari
न कविवर हूँ न शायर हूँ। बस थोड़ा-बहुत लिखा करता हूँ। मन में आए भावों को, कभी गद्य तो कभी पद्य में व्यक्त किया करता हूँ।
पढने में समय: < 1 मिनट

हुंकार सुन

फुंफकार सुन

उसके गाण्डीव की

टंकार सुन

***

ध्वस्त किया जिसने

हर जातीय व्यवस्था को

विरोधियों के लिए

उसकी हर ललकार सुन

***

हर कौम का

आशीर्वाद जिसपर

हर कौम को

जिसने मान दी

***

है उत्ताप जिसके

हर चाल में

हर वार ही

ब्रह्मास्त्र है

लिख दी जिसने

जीत की

इबारत उसी से

इबारत की

तू दास्तान सुन

***

विश्व की

मानस पटल पर

अमिट छाप है

जिसने छोड़ दी

देदीप्यमान इस

नक्षत्र का

चहूँ ओर

हो रहा गुनगान सुन

***

काल के उलट

चाल में भी

जो जीत निश्चित कर सके

गौरव पताका हो

जिसके नाम से

उसके नाम का

बखान सुन

***

अब वोट कभी

जब हो सके

भय खाओ तुम

उस शख्स से

***

मोदी है

जिसका नाम

उसके नाम के

प्रकोप से

धमनियों में

हो रहे रक्तचाप की

आवाज सुन

***

हुंकार सुन

फुंफकार सुन

उसके गाण्डीव की

टंकार सुन

***

– सत्येन्द्र तिवारी

नोट: प्रस्तुत लेख, लेखक के निजी विचार हैं, यह आवश्यक नहीं कि संभाषण टीम इससे सहमत हो।
Note: The opinions expressed in this article are the author’s own and do not reflect the view of the संभाषण Team.

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Satyendra Tiwari
Satyendra Tiwari
न कविवर हूँ न शायर हूँ। बस थोड़ा-बहुत लिखा करता हूँ। मन में आए भावों को, कभी गद्य तो कभी पद्य में व्यक्त किया करता हूँ।

2 COMMENTS

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Kamal Mohan
Kamal Mohan
2 years ago

मोदी जी के लिए लिखी यह कविता उनके व्यक्तित्व को दर्शाती है। आपके शब्दों का चयन बेहतरीन है।
धन्यवाद 🌷🌷

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