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Monday, January 24, 2022

आओ उड़ चले

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Dhananjay Gangay
Dhananjay Gangay
Journalist, Thinker, Motivational speaker, Writer, Astrologer🚩🚩
पढने में समय: < 1 मिनट

कुछ अफसाना कुछ तराना सा, कुछ नया कुछ पुराना सा।

कुछ अल्हड़ कुछ दीवाना सा, कुछ आज कुछ कल सा।

कुछ भक्ति कुछ मुक्ति सा, कुछ फरमाना कुछ जमाना सा।

कुछ याराना, कुछ दोस्ताना सा, कुछ धर्म कुछ अधर्म सा।

कुछ जीवन कुछ मौत सा।।

ये ब्रह्मांड,

ये सूर्य,

ये चांद,

ये आकाश,

ये हवा,

ये आग,

ये धरती,

ये आकांक्षा

और महत्वाकांक्षा, जीवन जीने और पाने की

अभिलाषा, सब धरा रह जायेगा जब बांध लें चलेगा बंजारा,

बस आह रह जायेगी।।

कशिश जीने की अपनो से छूटने की, कोई है, कोई होगा

फिर भी वहीं जाना होगा.. फिर भी वही जाना होगा।।

अस्वीकरण: प्रस्तुत लेख, लेखक/लेखिका के निजी विचार हैं, यह आवश्यक नहीं कि संभाषण टीम इससे सहमत हो। उपयोग की गई चित्र/चित्रों की जिम्मेदारी भी लेखक/लेखिका स्वयं वहन करते/करती हैं।
Disclaimer: The opinions expressed in this article are the author’s own and do not reflect the views of the संभाषण Team. The author also bears the responsibility for the image/images used.

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Dhananjay Gangay
Dhananjay Gangay
Journalist, Thinker, Motivational speaker, Writer, Astrologer🚩🚩

6 COMMENTS

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Usha
Usha
2 years ago

Very very nice post👌

Diksha
Diksha
2 years ago

👌👌adbhut

Usha
Usha
2 years ago

Bahut achha likhe h👌👌

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