औघड़दानी भगवान शिव

औघड़दानी भगवान शिव

भगवान शिव और उनका नाम समस्त मंगलों का मूल है। वे कल्याण की जन्मभूमि, परम कल्याणमय तथा शांति के आगर हैं। वेद तथा आगमों में भगवान शिव को विशुद्ध ज्ञानस्वरूप बताया गया है। समस्त विद्याओं के मूल स्थान भी भगवान…

माँ का तोहफा

माँ का तोहफा

एक दंपत्ती दिवाली की खरीदारी करने को हड़बड़ी में था। ‘जल्दी करो मेरे पास टाईम नहीं है’, कह कर रूम से बाहर निकल गया सूरज तभी बाहर लॉन मे बैठी माँ पर नजर पड़ी, कुछ सोचते हुए वापिस रूम में…

एक बच्चा जब गुरु बना – (ज्ञान का प्याला)

एक बच्चा जब गुरु बना

एक सिद्ध महान् संत समुद्र तट पर टहल रहे थे। समुद्र के तट पर एक बच्चे को रोते हुए देखकर पास आकर प्यार से बच्चे के सिर पर हाथ फेरकर पूछने लगे “बेटा आप क्यूँ रो रहे हो?” बालक ने…

एक दोहे का प्रभाव

एक दोहे का प्रभाव

एक राजा को राज भोगते हुए काफी समय हो गया था। बाल भी सफ़ेद होने लगे थे। एक दिन उसने अपने दरबार में उत्सव रखा और अपने गुरुदेव एवं मित्र देश के राजाओं को भी सादर आमन्त्रित किया। उत्सव को…

छोटे से मंत्र का जप करने से क्या होगा?

छोटे से मंत्र का जप करने से क्या होगा?

बात उस समय की है जब पद्मविभूषण से सम्मानित पंडित गोपीनाथ कविराज अपने गुरुदेव स्वामी विशुद्धानंद जी के आश्रम में रहकर सेवा-साधना कर रहे थे। एक दिन उन्होंने गुरुदेव से पूछा – “गुरुदेव! हम लोग साधारणतया चंचल मन से जप…

प्रेम की पराकाष्ठा

प्रेम की पराकाष्ठा

वे लोग पिछले कई दिनों से इस जगह पर खाना बाँट रहे थे। हैरानी की बात ये थी कि एक कुत्ता हर रोज आता था और किसी न किसी के हाथ से खाने का पैकेट छीनकर ले जाता था। आज…

संगति, परिवेश और भाव

संगति, परिवेश और भाव

एक राजा अपनी प्रजा का भरपूर ख्याल रखता था। राज्य में अचानक चोरी की शिकायतें बहुत आने लगीं, कोशिश करने से भी चोर पकड़ा नहीं गया। हारकर राजा ने ढींढोरा पिटवा दिया कि जो चोरी करते पकडा जाएगा उसे मृत्युदंड…

शिक्षाप्रद लघु दृष्टांत

शिक्षाप्रद लघु दृष्टांत

एक बार की बात है एक बहुत ही पुण्यात्मा व्यक्ति अपने परिवार सहित तीर्थ के लिए निकले। कई कोस दूर जाने के बाद पूरे परिवार को प्यास लगने लगी, ज्येष्ठ का महीना था, आस पास कहीं पानी नहीं दिखाई पड़…

शबरी के राम

शबरी के राम

सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण : एक टक देर तक उस सुपुरुष को निहारते रहने के बाद बुजुर्ग भीलनी के मुंह से स्वर फूटे : कहो राम! सबरी की डीह ढूंढ़ने में अधिक कष्ट तो नहीं हुआ? राम मुस्कुराए, बोले…

सनातन संस्कृति और शिक्षा का प्रभाव

सनातन संस्कृति और शिक्षा का प्रभाव

श्री सन्तोष जी के यहाँ पहला लड़का हुआ तो पत्नी ने कहा, “बच्चे को गुरुकुल में शिक्षा दिलवाते हैं, मैं सोच रही हूँ कि गुरुकुल में शिक्षा देकर उसे धर्म ज्ञाता पंडित योगी बनाऊंगी।” सन्तोष जी ने पत्नी से कहा, “पाण्डित्य…