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Tuesday, June 15, 2021
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    सप्तर्षियों का अवतरण

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    एक विचार
    एक विचार
    स्वतंत्र लेखक, विचारक

    पढने में समय: 3 मिनट

    “नमः परमऋषिभ्यो नमः परमऋषिभ्यः।।”
    – मुण्डकोपनिषद २/३/११

    ‘परम् ऋषियों को नमस्कार है, परम् ऋषियों को नमस्कार है।’

    सप्तर्षियों का प्रादुर्भाव श्री ब्रह्मा जी के मानस संकल्प से हुआ है। सृष्टि के विस्तार के लिए ब्रह्मा जी ने अपने ही समान दस मानस पुत्रों को उत्पन्न किया। उनके नाम हैं – मरीचि, अत्रि, अंगिरा, पुलस्त्य, पुलह, क्रतु, भृगु, वसिष्ठ, दक्ष तथा नारद।

    मरीचिरत्र्यङ्‌गिरसौ पुलस्त्यः पुलहः क्रतुः ।
    भृगुर्वसिष्ठो दक्षश्च दशमस्तत्र नारदः ॥ – श्रीमद्भागवत महापुराण ३/१२/२२

    ये ऋषि गुणों में ब्रह्मा जी के समान ही हैं, अतः पुराणों में ये नौ ब्