काशी नगरी निवासिनी मां अन्नपूर्णा

काशी नगरी निवासिनी मां अन्नपूर्णा

कलियुग में माता अन्नपूर्णा की पुरी काशी है, किंतु सम्पूर्ण जगत् उनके नियंत्रण में है। बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी के अन्नपूर्णाजी के आधिपत्य में आने की कथा बड़ी रोचक है। भगवान शंकर जब पार्वती के संग विवाह करने के…

मनुष्य का धर्म

मनुष्य का धर्म

मनुष्य में धर्म का अस्तित्व तभी है जब वह उसे ‘धारण करे।’ ‘धृ’ धातु जिससे धर्म बना है उसका अर्थ है ‘धारण करना’, ‘पकड़ना’। जब तक धर्म हमारी प्रकृति या स्वभाव नहीं बनता तब तक हम धार्मिक नहीं कहे जा…

शिव के अवतार ‘पिप्पलाद’

शिव के अवतार 'पिप्पलाद'

शिवमहापुराण के अनुसार भगवान शंकर ने अपने परम भक्त भृगुवंशी च्यवन के पुत्र दधीचि मुनि के यहां पुत्र रूप में जन्म लिया। भगवान ब्रह्मा ने इनका नाम पिप्पलाद रखा था। “पिप्पलादेति तन्नाम चक्रे ब्रह्मा प्रसन्नधी:” – शिवमहापुराण, शतरुद्रसंहिता २४/६१ शिवमहापुराण…

प्रार्थना का प्रभाव

प्रार्थना का प्रभाव

सन् 1956 में मद्रास इलाके में अकाल पड़ा। पीने का पानी मिलना भी दुर्लभ हो गया। वहाँ का तालाब ‘रेड स्टोन लेक’ भी सूख गया। लोग त्राहिमाम् पुकार उठे। उस समय के मुख्यमंत्री सी. राजगोपालाचारी ने धार्मिक जनता से अपील…

क्या शिवलिंग पर चढ़ा प्रसाद ग्रहण किया जा सकता है?

क्या शिवलिंग पर चढ़ा प्रसाद ग्रहण किया जा सकता है?

शास्त्र सम्मत दृष्टिकोण: शिव पुराण के अनुसार शिवलिंग पर चढ़ाया गया प्रसाद ग्रहण करने से व्यक्ति के समस्त पाप मिट जाते हैं, किंतु कुछ धार्मिक मान्यताओं में शिवलिंग पर चढ़ाया गया प्रसाद ग्रहण करने से मना किया जाता है। ऐसे…

शिव जी भांग पीते हैं?

शिव जी भांग पीते हैं?

शिव का नाम लेकर भांग/गांजा पीते हो तो शिव का नाम लेकर जहर भी पियो। बड़े आश्चर्य की बात है कि शिव जी भांग पीते हैं ये भ्रांति पैदा हो कहाँ से गयी? हिंदुओं में ये एक भयंकर बीमारी है…

हर – हर महादेव

हर - हर महादेव

सबसे आम मंत्र जो आपने सुना होगा वह है “हर – हर महादेव”। हर व्यक्ति – अमीर या गरीब, स्वस्थ या अस्वस्थ, प्रसन्न या दुखी भगवान को याद करता है और उनके नाम का जप करता रहता है। यह वह…

राम से बड़ा राम का नाम

राम से बड़ा राम का नाम

हनुमान जी जब पर्वत लेकर लौटते हैं तो भगवान से कहते हैं – प्रभु आपने मुझे संजीवनी बूटी लेने नहीं भेजा था, आपने तो मुझे मेरी मूर्छा दूर करने के लिए भेजा था। सुमिरि पवनसुत पावन नामू । अपने बस…

हवन – एक विश्लेषण

हवन - एक विश्लेषण

एक बार एक गृह-प्रवेश की पूजा में जाना हुआ, पंडितजी पूजा करा रहे थे। पंडितजी ने सबको हवन में शामिल होने के लिए बुलाया। सबके सामने हवन सामग्री रख दी गई। पंडितजी मंत्र पढ़ते और कहते- “स्वाहा।” लोग चुटकियों से…

भगवान का अस्तित्व

अस्तित्व

एक बार एक व्यक्ति नाई की दुकान पर अपने बाल कटवाने गया। नाई और उस व्यक्ति के बीच में ऐसे ही बातें शुरू हो गई और वे लोग बातें करते-करते भगवान के विषय पर बातें करने लगे। तभी नाई ने…