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Monday, May 10, 2021
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    मोदी देश के लिए जरुरी क्यों? क्यों प्रचंड बहुमत की ओर?

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    Satyendra Tiwari
    Satyendra Tiwari
    न कविवर हूँ न शायर हूँ। बस थोड़ा-बहुत लिखा करता हूँ। मन में आए भावों को, कभी गद्य तो कभी पद्य में व्यक्त किया करता हूँ।

    पढने में समय: 5 मिनटदेश में आम चुनाव चल रहे हैं, पक्ष विपक्ष सभी अपने पूरे जोश के साथ मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। आरोप प्रत्यारोप का भी सिलसिला चल रहा है। लेकिन इन सबके बीच एक प्रश्न उठता है कि आखिर ऐसा कौन प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार है जो देश के भविष्य के लिए आवश्यक और उपयुक्त है।

    जिस प्रकार से विगत 5 वर्षों में भाजपा सरकार ने मोदी जी के नेतृत्व में कार्य किया है, उस हिसाब से यह कहना गलत नहीं होगा कि अभी की स्थिति को देखते हुए मोदी जी ही प्रधानमंत्री पद के लिए योग्य, उपयुक्त और देश के भविष्य के लिए आवश्यक हैं। लगभग सभी क्षेत्रों में मोदी जी के विगत पांच वर्षों के कार्यों ने यह सिद्ध भी किया है:

    राष्ट्रवाद के प्रखर प्रणेता :  सबसे पहले भारतीयों को एक ऐसा नेता चाहिए जो राष्ट्रवाद का बड़ा पोषक, दबंग, प्रखर, कट्टर और इसके प्रति ढृढ़ प्रतिज्ञ हो। राष्ट्रवाद एक ऐसा मुद्दा है जिस पर प्रत्येक धर्म, समुदाय, जाति की बहुसंख्यक जनता देश की अस्मिता को नुकसान होते हरगिज़ नहीं देखना चाहती।  मोदी जी इन सारे मापदंडों पर बिल्कुल खरे उतरते हैं। इस मुद्दे पर राष्ट्रीय राजनीति के स्तर पर दूर – दूर तक कोई भी ऐसा नेता नहीं है जो मोदी जी को थोड़ा भी टक्कर दे सके। आज वर्तमान समय में जनता की नज़र में एक यही विकल्प है कि वह मोदी जी को ही चुने।

    एकता और अखंडता : एक तरफ कांग्रेस या राहुल गाँधी जी की कश्मीर और पाकिस्तान निति स्पष्ट रूप से लचर दिखाई देती है। वहीं दूसरी तरफ मोदी जी यहाँ काफी मजबूत स्थिति में हैं। एक ओर जहाँ कांग्रेस अपने घोषणा पत्र के माध्यम से यह संकेत दे रही है कि वह कश्मीर और पाकिस्तान के प्रति ढुलमुल नीति रखती है। वह भी सिर्फ एक खास वर्ग के मुठ्ठी भर लोगों एवं तथाकथित बुद्धिजीवी वर्ग के कुछ लोगों को खुश करने लिए। वहीं मोदी जी का बयान तथा भाजपा का चुनावी घोषणा पत्र जिसमें पाकिस्तान के प्रति सख्त रुख, कश्मीर से धारा 35 A और 370 हटाने की स्पष्ट घोषणा आदि को शामिल किया गया है। यह मोदी जी की स्थिति को मजबूती प्रदान कर रहा है।

    राष्ट्रीय सुरक्षा : श्रीमती इंदिरा गाँधी जी के बाद पाकिस्तान के प्रति किसी भी कांग्रेसी सरकार या प्रधानमंत्री ने मर्दोचित व्यवहार नहीं किया जबकि सारे पुरुष प्रधानमंत्री ही सत्ता को सुशोभित करते रहे हैं। भारत में पाकिस्तान ने परोक्ष रुप से युद्ध छेड़ रखा है तथा ऊपर से हर प्रकार से डराता रहा है कि उसके पास परमाणु बम की ताकत है तथा मजे की बात यह कि भारत उसके गीदड भबकी से डरता भी रहा है। हर आतंकी घटना के बाद परमाणु बम की धमकी देकर भारत को कुछ न कर पाने लिए विवश करने में पाकिस्तान सफल होता रहा है। भारत केवल कागजी कार्यवाई (लव लेटर) कर देता और पाकिस्तान बार – बार वही दोहराता रहा है। पहली बार पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का मोदी जी की सरकार ने सर्जिकल स्ट्राईक और एअर स्ट्राइक करके हकीकत में मूंह तोड़ जवाब दिया है।

    आतंकवाद :  कांग्रेस सरकार में आए दिन आतंकी घटना देखने को मिल जाती थीं कारण आतंकवाद के खात्मे के लिए कांग्रेस कभी भी ढृढ़ प्रतिज्ञ नहीं दिखी बल्कि बाटला हाउस कांड जैसे मामले में आतंकियों के लिए कांग्रेस की राजमाता श्रीमती सोनिया गांधी जी फूट – फूट कर रोने लगती हैं। इसी तरह नक्सलियों के खात्मे के लिए कांग्रेस हमेशा उदासीन ही रही है। आए दिन नक्सली हमले होते थे जो अब नहीं हो रहें हैं। मोदी जी के समय आतंकी घटना न के बराबर रही है। इसलिए मोदी जी लोगों के पहली पसंद है।

    भ्रष्टाचार : मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद एक भी ऐसा मामला नहीं आया जिससे मोदी सरकार की बदनामी हो सके। बल्कि इस पर काफी रोक लगी है। इसके विपरीत कांग्रेस की समस्त सरकारें सर से पांव तक भष्टाचार में लिप्त साबित होती रही हैं। एक से एक घोटालों से अलंकृत होती रही हैं। वर्तमान में भी नेहरू गांधी परिवार के तकरीबन सभी सदस्यों पर भ्रष्टाचार के आरोप है। कांग्रेस की राजमाता श्रीमती सोनिया गांधी तथा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी अभी भी जमानत पर बाहर हैं और ऐसे में ही चुनाव लड़ रहे हैं। यह मोदी जी की मजबूत स्थिति को ही दर्शा रहा है।

    हिन्दुत्व के संरक्षण संवर्धन : भारत 800 वर्ष गुलाम रहा है, लगभग सभी का धन सम्पदा लूटने के बाद मुख्य मकसद यही रहा है कि किसी भी प्रकार से हजारों वर्षों से चले आ रहे सनातन धर्म को नष्ट करना है। इतने लम्बे समय तक की गुलामी और तमाम यातनाओं को सहते हुए हिन्दू धर्म आज भी जीवित है। लेकिन विगत कुछ दशकों में जिस प्रकार से तुष्टिकरण की राजनीति हो रही है, हिन्दुओं को बाँट कर एक खास समुदाय वर्ग को ही लाभ पहुचाया जा रहा है, हिंदुत्व को हिन्दुओं के द्वारा ही नष्ट करने का जो प्रयास चल रहा है, जिसका मकसद केवल इतना ही है कि हिन्दू कभी दुबारा से मजबूत स्थिति में न आ सकें। लेकिन उसमें षड्यंत्रकारियों को एक गहरा आधात 2014 के चुनाव परिणाम से लगा। उन लोगों की जिनकी मान्यता थी कि भारतीय राजनीति उनके इशारे पर चलती है, उनका यह भ्रम भी जनता ने तोड़ कर रख दिया और अगर 2019 का परिणाम दुबारा उनके विरोध में जाता है तो इससे उनका मनोबल पूरी तरह से टूट जायेगा। इसके लिए भी मोदी जी का जीतना आवश्यक है।

    अदम्य साहस, तीक्ष्ण बुद्धि और तुरंत निर्णय करने की क्षमता : युद्ध जितने के लिए सिर्फ सैन्य बल काफी नहीं होता बल्कि अदम्य साहस और तीक्ष्ण बुद्धि और तुरंत निर्णय करने की दशा और दिशा पर भी परिणाम निर्भर करता है। इस लिहाज से वर्तमान में मोदी जी का कोई विकल्प नहीं है। इसके अलावा घरेलू स्तर पर भी नोटबंदी और GST जैसे साहसिक कदम कोई छोटी बात नहीं थी। नोटबंदी को बैंकिंग व्यवस्था ने असफल बना दिया। मोदी जी को इसका पू्र्व में भान न हुआ। यह इनकी ऐतिहासिक विफलता कही जाएगी। लेकिन जनता ने इनके इस साहस को सर झुका कर स्वीकार किया है और इसके लिए मोदी जी के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त किया है। इसका लाभ स्पष्ट रूप में मोदी जी को मिलता दिखाई दे रहा है।

    विदेश नीति : जहाँ तक विदेश नीति का सवाल है। भारत के इतिहास में इतनी सशक्त विदेश नीति कभी नहीं रही है। जिसमें सिर्फ पाकिस्तान को छोड़ दें तो सम्पूर्ण विश्व मोदी जी के गिरफ्त में दिखाई दे रहा है। कोई भी देश नहीं जो भारत के विरोध करने की क्षमता में है। चाहे इजराइल हो या अरब, अमेरिका हो या चीन, जापान, यूरोपीय संघ हो या आस्ट्रेलिया, ब्राजील या कोई भी दक्षिण अफ्रीकी देश या नार्वेजियन कन्ट्री। मोदी जी ने सबको एक घाट पर ला दिया है। आज सब भारत से दोस्ती में ही अपना गर्व महसूस कर रहे हैं। निश्चित रूप से मोदी ज