भारत की कमजोरी

भारत की कमजोरी

आखिरकार अफगानियों का आखिरी किला पंजशीर भी ढह ही गया। कार्यकारी राष्ट्रपति सालेह ने देश छोड़कर ताजिकिस्तान में पनाह ली है। अब बस नार्दन आलाइन्स के अशद का छिटपुट प्रतिरोध बचा है, उन्होंने कहा है कि वह आखिर सांस तक…

मोबाइल ने क्या छीना?

मोबाइल ने क्या छीना?

उदारीकरण के बाद मोबाइल फोने का प्रचलन एक चमत्कार से कम न था। एक समय था जब किसी का मोबाइल फोने भीड़ में बज जाये तो लोग देखने लगते थे। मोबाइल एक अच्छे स्टेटस का प्रतीक था। वैसे देखा जाय…

कर्षते इति कृष्ण:

कर्षते इति कृष्ण:

मन को आकर्षित करने वाले भगवान श्रीकृष्ण का धराधाम पर आज के ही दिन 27वें द्वापर के रोहिणी नक्षत्र (मैं देवकी के गर्भ से जन्म ले रहा हूँ तो रोहिणी के संतोष के लिए कम से कम रोहिणी नक्षत्र में…

मेरे राम, तेरे राम

मेरे राम, तेरे राम

आप किसको राम कहते हैं? भारतीय संस्कृति में राम का अर्थ बड़ा विस्तृत है। अरे, मुकुट और धनुष लिए ही नहीं बल्कि मैली सी धोती पहने किसान, कुर्ता पहने मास्टर साब या टिफिन लिए और ऑफिस जाते वह व्यक्ति जिसे…

आपकी सोच को कौन नियंत्रित करता है

आपकी सोच को कौन नियंत्रित करता है

क्या कभी आपने विचार किया है कि आपके विचार किसके द्वारा नियंत्रित किये जाते हैं? कौन इसे बनाता है? आपका स्वतंत्र विचार क्या है, इसके महत्व पर समीक्षा आपके द्वारा की गयी है? वास्तव में जो विचार आपका है, वह…

नारी का महत्व

नारी का महत्व

स्त्री वह है जिसने सृष्टि धारण किया है। धरती स्त्री लिंग और आत्मा भी स्त्री लिंग। एक स्त्री का एक पुरुष के जीवन में क्या महत्व है? पुरुष का शिशु के रूप में जन्म से लेकर पालन और शुरुआती शिक्षा…

भारत की लूट

भारत की लूट

भारत में 45 ट्रिलियन डॉलर (₹3,19,29,75,00,00,00,000.50/-) की लूट अंग्रेजों द्वारा अंग्रेजी शासन में की गई। भारत के दलित चिंतक ज्योतिबा फुले, पेरियार, भीमराव अंबेडकर के लिए विषय दलित था, अर्थव्यवस्था क्यों नहीं? षड्यंत्र बू नहीं आती आपको! शुद्र को दलित…

सांस्कृतिक मूल्य और नारी

सांस्कृतिक मूल्य और नारी

भारत, सांस्कृतिक परम्पराओं और मूल्यों का निर्वहन करने वाला देश है। विश्व में भारत की विशेष पहचान है। भारत विश्व में विशिष्ट विशेषताओं यथा सहनशीलता, उदारता, अतिथि सेवा की विशेष परम्परा के कारण प्रसिद्ध है। भारत की संस्कृति को नष्ट…

अफ्रीका : दो ध्रूवों की प्रयोगशाला

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अफ्रीका, एक ऐसा खूबसूरत महादीप है जिसे प्रकृति ने बहुत कुछ दिया है लेकिन यूरोप, एशिया और अमेरिका की गिद्ध दृष्टि से बच नहीं पाया। अफ्रीका प्राचीन समय से एक सनातन परंपरा संपन्न महाद्वीप रहा है जिसे अपनी मान्यताओं के…

जल बिना जीवन

जल बिना जीवन

पंच महाभूतों में जल तत्व सबसे महत्वपूर्ण और भारी है, इसके बिना ग्रह तो हो सकता है लेकिन उसपर जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। धरती पर जल लगभग 71 प्रतिशत है जिसमें से पीने योग्य मात्र 3 प्रतिशत…