आओ सोचें भारत

भारत में कुछ ऐसे लोग हैं जो इतिहास में उपनिवेशवादी और मार्क्सवादी, दोनों को मानते हैं। कहा जाता है कि किसी देश के इतिहास को बदल दीजिये बस फिर क्या है वह अपने पूर्व रास्ते पर कभी आ ही नहीं…

भारत में कुछ ऐसे लोग हैं जो इतिहास में उपनिवेशवादी और मार्क्सवादी, दोनों को मानते हैं। कहा जाता है कि किसी देश के इतिहास को बदल दीजिये बस फिर क्या है वह अपने पूर्व रास्ते पर कभी आ ही नहीं…

आइये भारतीय सिस्टम को समझा जाय। सबसे पहले न्यायपालिका पर विचार करिये और देखिये कि जो मुकदमा दायर किया गया है (किसी के द्वारा या किसी के ऊपर) उसमें कितनी सच्चाई है? तब पता चलेगा मामले को वकील और पुलिस…

भारत में जातियां हकीकत हैं, यह सामाजिक सामाजिकता का ताना – बाना बुनते हुए समाज को बहुत अंदर तक प्रभावित करती हैं। शब्द ब्युत्पत्ति की दृष्टि से देखें तो जाति शब्द संस्कृत की ‘जनि’ (जन) धातु में ‘क्तिन’ प्रत्यय लगाकर…

भारत शब्द सुनते ही मन में सभ्यता, संस्कृति, प्रेम और सौहार्द के विचार कौंधने लगते हैं जो आपको अपनेपन से सराबोर कर जाते हैं। भारत की भूमि पुण्यता और कर्मणा मानी जाती है। ऋषियों – मुनियों के अनुसंधान, नारी के…

हिंदू, मानव की कमियां नहीं देखता है, उसका मानना है कि मानव है तो मानवता का पालन करेगा। जिसके कारण व्यक्तिगत स्तर पर न सही, सामाजिक स्तर पर मुस्लिमों को स्वीकार किया गया। यदि सौहार्द नहीं होता तो भारत से…

पाकिस्तान के लाहौर किले के गेट पर रणजीत सिंह की प्रतिमा लगाई गई है उन्हें पंजाब का वीर राजा के रूप में स्वीकार भी किया गया जिन्होंने स्थानीय समस्या और पंजाब को लेकर अपनों के लिए विदेशियों से जंग किया।…

दोष व्यक्ति में है? धर्म में या समाज में? यदि ध्यान से देखें तो व्यक्ति समाज में रहता है। जीवन को लयबद्ध, अनुशासित और नैतिक आवधरणा के लिये धर्म विकसित हुआ जिससे मानवता का विकास हो सके और मनुष्य उन्नति…

आप हो तो गूंज है कि जिंदा हो, जीवन की तरंग मरने की उमंग हो। कहा जाता है कि पत्नी साथ निभायेगी मकान तक, बन्धुबांधव साथ निभाएंगे श्मशान तक, पुत्र साथ निभायेगा अग्निदान तक, फिर कुछ दिन शोक के बाद…

मैं धर्म को नहीं मानता हूं, सारे कर्मकांड पाखंड हैं, भाग्य मूर्ख मानते हैं। सब विज्ञान संचालित है, राम और कृष्ण काल्पनिक पात्र हैं। रामायण महाभारत गल्प है। ब्राह्मण अंधविश्वास फैलाते हैं, सब कोरे आदर्श हैं। कुंडली भ्रम फैलती है।…

शर्मा जी बरामदे में बैठे पेपर पढ़ रहे थे। पत्नी रसोई में बिजी थीं, वही उनकी 10 साल की बेटी चेतना अपनी गुड़िया को सजा रही थी। अचानक शर्मा जी की नजर चेतना और गुड़िया पर पड़ी तो वो अपनी…