मुस्लिम मजहब की हकीकत

मुसलमानों का जो रुख है उससे तो यही लगता है एक दिन भारत ही नहीं बल्कि सभी ग़ैर मुस्लिम मुल्कों में वो आतंकवादी, बर्बर, कट्टरपंथी और हेय हो जाएंगे। लोग मुस्लिम नाम से भी नफरत करने लगेंगे। वह जहां भी…

मुसलमानों का जो रुख है उससे तो यही लगता है एक दिन भारत ही नहीं बल्कि सभी ग़ैर मुस्लिम मुल्कों में वो आतंकवादी, बर्बर, कट्टरपंथी और हेय हो जाएंगे। लोग मुस्लिम नाम से भी नफरत करने लगेंगे। वह जहां भी…

सार्वभौमिक सनातन हिंदू धर्म शोर नहीं मचाता है बल्कि वह बौद्धिकता के कारण विकास पथ पर दृढ़ता के साथ चलता रहा है। वह अपने समय के इन्तजार में है, आज तक उसकी आध्यात्मिक शक्ति ही उसके मौलिक संस्कृतियों को बचा…

अभी कुछ दिनों पहले की बात है, वैदिक मंत्र को एक महिला ट्वीटर हैंडल द्वारा ट्वीट किया गया। वैसे तो यह एक सामान्य सी बात थी लेकिन कुछ अति व्यवहार वादी विद्वानों द्वारा इसकी आलोचना होने लगी। देखते ही देखते…

रामेश्वरम और दक्षिण भारत की यात्रा – भाग २ से आगे … कन्याकुमारी दर्शन और वापसी : कन्याकुमारी में कन्याकुमारी माता का मंदिर, समुद्र में विवेकानन्द रॉक, कन्याकुमारी माता के पद चिन्ह, और तिरुवल्लुवर की मूर्ति है जहां स्टीमर से…

रामेश्वरम और दक्षिण भारत की यात्रा – भाग १ से आगे … कांचीपुरम और रामेश्वरम दर्शन : कांचीपुरम को दक्षिण का काशी कहा जाता है। यहां शंकराचार्य जी का गुरु पीठ है, यहां की साड़ियां विश्व प्रसिद्ध हैं जिन्हें “कांजीवरम”…

5 जनवरी 2020 को दक्षिण भारत की यात्रा शुरू हुई। यह यात्रा द्वारकाधीश की यात्रा के एक महीने बाद हो रही थी। यात्रा के साथी एक बार फिर विनय थे। प्रयाग से रेलगाड़ी द्वारा सीधा चेन्नई, बीच में नागपुर पड़ा…

आप परेशान सत्ता और विपक्ष के लिए हैं वह आपको कोरोना दे गया। परिवार को तोड़ दिया, चार रोटी के लिए आप रेस्तरां पर निर्भर हो गये। हजारों मिठाइयों के बावजूद आप चाकलेट खा रहे हैं। स्नेक के नाम पर…

मेरी द्वारकाधीश और सोमनाथ यात्रा – भाग २ से आगे … द्वारकाधीश के दर्शन और यात्रा का समापन : मन में अभी भी पूरी तरह से शिव – शिव और महाभारत की कथा ही चल रही थी। इतने में बस…

मेरी द्वारकाधीश और सोमनाथ यात्रा – भाग १ से आगे … सोमनाथ दर्शन : बस की प्रतीक्षा और अहमदाबाद वापसी का सफर। रात्रि में अहमदाबाद आ गये। लेकिन बस मिलने में बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ा क्योंकि सरकारी बसों…

29 अक्टूबर 2019 को भारत के तीसरे धाम की यात्रा प्रारंभ हुई। यात्रा के साथी विनय जी थे जिनके साथ पूर्व में जगन्नाथ पुरी की यात्रा संपन्न हुई थी। “प्रयागराज एक्सप्रेस” से कानपुर और फिर वहाँ से अयोध्या की तरफ…